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31 जनवरी, 2009


ब्लॉग्स (1)
चाँद पहले फ़िज़ा में गुम था कहींहर तरफ़ चाँदनी थी छिटकी हुई।अब फ़िज़ा से ही गुम हुआ है चाँदऔर फ़िज़ा रह गयी बिलखती हुई।##नक्श्त्र दर्शन चन्दीग.ढ के आकश पर आगे पढ़ें...