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हाशिमियात नये अन्दाज़ मे कुछ कहने की कोशिश -मन्सूर अली हाशमीआगे पढ़ें... 

रुचिका की फ़रियाद
दुहाई! रूह चीत्कार कर रही अब तक, रा को पहुंचादो उसके ठौर तलक. अबतो इन्साफ की दुहाई है, मसअले कितने ... mansoorali hashmi द्वारा 13 जनवरी, 2010 7:31:00 PM IST पर पोस्टेड
रुचिका की फ़रियाद
दुहाई! रूह चीत्कार कर रही अब तक, रा को पहुंचादो उसके ठौर तलक. अबतो इन्साफ की दुहाई है, मसअले कितने ... mansoorali hashmi द्वारा 13 जनवरी, 2010 7:31:00 PM IST पर पोस्टेड