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हाशिमियात नये अन्दाज़ मे कुछ कहने की कोशिश -मन्सूर अली हाशमीआगे पढ़ें... 

एक अण्णा  हज़ार बीमार   
एक अण्णा हज़ार बीमार सौ है बीमार एक अनार है आज, सरे फेहरिस्त भ्रष्टाचार है आज. छोड़ गुलशन ... mansoorali hashmi द्वारा 10 अप्रैल, 2011 5:54:00 PM IST पर पोस्टेड
कुंबा है मेरा देश, मैं सरदार इसका हूँ!
घोटाला हो गया है? मुझे कुछ पता नही ! पैमाना भर गया है? मुझे कुछ पता नही ! लाखो करोड़ कम है? कुछ और ... mansoorali hashmi द्वारा 28 मार्च, 2011 8:38:00 PM IST पर पोस्टेड